शुक्रवार, 15 अप्रैल 2016

Shayari Part 86

1. अपना वादा यूँ ही ता उम्र निभाया करेंगे हम।
तुम जब भी बुलाओगे आ जाया करेंगे हम।

2. "तू साथ चले तो शायद.... मंजिल मिल जाए,
  मुझे तो..... कोई रास्ता पहचानता नही है " !!

3. उसके दिल मे थोड़ी सी जगह माँगी थी मुसाफिरों कि तरह..
उसने तन्हाईयों का एक शहर मेरे नाम कर दिया..

4. मेरे बस में हो तो लहरो को इतना हक भी ना दूँ
लिखू नाम तेरा किनारे पे और लहरो को छूने तक ना दूँ..

5. कुछ मीठा सा नशा था उसकी झुठी बातों मे.
वक्त गुज़रता गया और हम आदी हो गये...!

6. पागल नहीं हैं हम जो तेरी हर बात मानते है ,
बस तेरी खुशी से ज्यादा कुछ अच्छा ही नहीं लगता हैं...

7. तेरी जुदाई ने हमें लफ़्ज़ों का बादशाह बना दिया,
मेरी हर आह पर लोग अब वाह वाह करते है..!!!

8. मोहब्बत में मैंने उसकी क्या कुछ नहीं लुटा दिया...
उस को पसंद थी सिर्फ रौशनी और " मैंने " खुद को जला दिया ..

9. तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को..
ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को..!!

10. "मैँ क्यूँ ना मुस्कुराऊ उसके लिए यारो
जो मेरी एक मुस्कराहट के लिए
अपने हजार आँसु छिपाती है.."

Shayari Part 85

1. कोई तीर जैसे जिगर के पार हुआ है
जाने क्यों दिल इतना बेक़रार हुआ है
पहले कभी देखा न मैंने तुम्हें
फिर भी क्यों ऐ अजनबी इस
कदर तुमसे प्यार हुआ हैं

2. किस्मत वालों को ही मिलती है पनाह दोस्तों के दिल में,
यूँ ही हर शख्स जन्नत का हक़दार नहीं होता…............

3. ना जाने कैसे इम्तेहान ले रही है जिँदगी आजकल,
मुक्दर, मोहब्बत और दोस्त तीनो नाराज रहते है.

4. हम गरीब लोग है किसी को मोहब्बत के सिवा क्या देंगे.
एक मुस्कराहट थी, वह भी बेवफ़ा लोगो ने छीन
ली

5. तरसता है दिल तेरी आवाज़ के लिए,
तेरे मोहबत भरे दो अलफाज़ के लिए,
करदो हमे फन्नाह अपनी इस अदा के लिए,
तड़पते है हम तेरी एक मुलाकात के लिए

6. हम ने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू ,
हाथ से छूके इसे रिश्तों का इल्जाम ना दो;
सिर्फ एहसास है ये, रूह से महसूस करो,
प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम ना दो..!!

7. सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको...
किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको...
पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा,
अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको...!!!

8. लोग कहते हैं किसी एक के चले
जाने से हमारी जिंदगी रुक नहीं जाती
ये कोई नही जानता की लाखों के मिल
जाने से भी उस एक की कमी पूरी नहीं होती

9. किसी के ग़म… अपने बनाने को जी करता है…
किसी को… दिल में बिठाने को जी करता है…
आज दिल को क्या हुआ है खुदा जाने…
बुझती हुई शमा…फिर जलाने को जी करता है…

10. कोई नही देगा साथ तेरा यहॉं
हर कोई यहॉं खुद ही में मशगुल है
जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,
तुझे गिरना भी खुद है और सम्हलना भी खुद है.

Shayari Part 84

1. "हजारो वादे कर रहे हो आज मुझे पाने के लिए
एक बहाना भी बहुत होगा तुमको कल मुझे छोड़
जाने के लिए.."

2. अब तुझसे शिकायत करना मेरे हक में नहीं,
क्योंकि
तू आरजू मेरी थी पर अमानत शायद किसी और की।

3. ये तेरा वहम हैँ के हम तुम्हेँ भूल जाऐँगे
वो शहर तेरा होगा जहाँ बेवफा लोग बसते हैँ

4. जरुरत नहीं थी असलियत में शायद..
कर्ज़दार हुए हम शौक ही शौक में..!!

5. तेरा नाम था आज किसी अजनबी की जुबान पे...
बात तो जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया..

6. मै और मेरा दिल,,, ऐ जान,,,
अफसोस दोनों मर गये तुम पर.

7. तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा ,
वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही ..!!

8. मत गिरा अपने झूठे इश्क के आंसू मेरे जनाज़े पर....
अगर तुझमे वफ़ा होती तो हम ज़िन्दगी से बेवफा न होते

9. ज़िन्दगी का ये हुनर भी आज़माना चाहिये
जंग अगर हो दोस्तों से हार जाना चाहिये

10. "मुझे नही मालुम की तुम्हे पाकर मुझे क्या मिलेगा,,
मगर इतना मालुम है कि तुम्हेँ खो दिया तो सब खो दुँगा.."