शुक्रवार, 4 दिसंबर 2015

Shayari Part.61

1. नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से,
एक तुम से मोहब्बत करके॥

2. मुझे हराकर कोई मेरी जान भी ले जाए मुझे मंजुर है,
लेकिन……. धोखा देने वालों को मै दुबारा मौका नही देता!!!!

3.  इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे....
इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे !!

4. मेरी आँखों में छुपी... उदासी को महसूस तो कर..
हम वह हैं... जो... सब को हंसा कर रात भर
रोते है...

5. तू इतना प्यार कर जितना तू सह सके, बिछड़ना भी पड़े तो ज़िंदा रह सके....!!

6. जैसे प्यार से सभी चीज़ें आसान लगती हैं, उसी तरह उम्मीद से सब कुछ संभव लगने लगता है।

7. महसूस कर रहे हैं तेरी लापरवाही कुछ दिनों से,
याद रखना अगर हम बदल गये तो मनाना तेरे बस की बात नही..

8. अब सज़ा दे ही चुके हो तो मेरा हाल ना पूछना,
अगर मैं बेगुनाह निकला तो तुम्हे अफ़सोस बहुत होगा!!

9. जब वक़्त करवट लेता हैं ना, दोस्तों...
तो बाजियाँ नहीं, जिंदगियाँ पलट जाती है..!

10.  "क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में. दोस्तों. वो लोग ही बिछड़ गए. 'जो जिंदगी हुआ करते थे !!

Shayari Part.60

1. मौत मांगना एक गुनाह है जालीम ..
अगर तुझे मरने का शौक ही है,
तो आ तुझे इश्क की तालीम दू !!

2. ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी.

3. कुछ रूठे हुए लम्हें कुछ टूटे हुए रिश्ते हर कदम पर काँच बन कर जख्म देते है !!

4. "लोग अपना बना के छोड़ देते हैं,
अपनों से रिशता तोड़ कर गैरों से जोड़ लेते हैं,
हम तो एक फूल ना तोड़ सके,
नाजाने लोग दिल कैसे तोड़ देते हैं."

5. "बोतल छुपा दो कफ़न में मेरे, शमशान में पिया करूंगा,
जब खुदा मांगेगा हिसाब, तो पैग बना कर दिया करूंगा"

6. "अगर वो मांगते हम जान भी दे देते,
मगर उनके इरादे तो कुछ और ही थे,
मांगी तो प्यार की हर निशानी वापिस मांगी,
मगर देते वक़्त तो उनके वादे कुछ और ही थे."

7. "क्या नशा है इश्क आज तक समझ ना पाये हम, उन नशीली आँखों में कहीं हो ना जाऐं गुम,
युँ तो इश्क समझ नहीं आता ना जाने क्या बला थी ये, कि जुदा होने पे उनकी ये आँखे हो गई"

8. "शाम खाली है जाम खाली है,ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है,
सब लूट लिया तुमने जानेजाँ मेरा,मैने तन्हाई मगर बचा ली है"

9. "एक हम है की खुद नशे में है,
एक तुम हो की खुद नशा तुम में है।"

10. "उसकी पलकों से आँसू को चुरा रहे थे हम, उसके ग़मो को हंसी से सजा रहे थे हम,
जलाया उसी दिए ने मेरा हाथ जिसकी लो को हवासे बचा रहे थे हम"

Shayari Part.59

1. पल पल तू मुझसे दूर होता हुआ
पल पल मेरी ज़िन्दगी बेदम होती हुई

2. नजरें मिला के जब तुमने
हया से नजरें झुका ली
तो हम ये भूल बैठे की कभी
हमें नजरअंदाज भी किया था

3. चलो झूठी मोहब्बत का अब क़िस्सा ख़त्म हुआ..
लोगों के फ़रेबों से शायद अब छुटकारा मिले..

4. दोस्ती कर के देखो , दोस्ती में दोस्त खुदा होता है .
ये एहसास तब होता है , जब दोस्त दोस्त से जुदा होता है ..

5. तुझमेँ और मुझमेँ फर्क है सिर्फ इतना.
तेरा कुछ कुछ हूँ मैँ.. और मेरा सब कुछ है तू.

6. "मुजे'' सीँफ मेरी जरुरत है... बाकी सब अपनी जरुरत से मेरी जींदगी मे आते है..

7. कौन कहता है की दोस्ती बराबरी वालो में होती है..
सच तो ये है की दोस्ती में सब बराबर होता है ॥

8. ना मेरी नीयत बुरी थी, ना उसमे कोई बुराई थी
सब मुक़द्दर का खेल था, बस किस्मत में जुदाई थी.....

9. अगर होता है इत्तेफ़ाक तो यूँ क्यों नहीं होता, तुम रास्ता भूलो... और मुझ तक चले आओ...

10. ए खुदा बस और कुछ नही पल भर के लिये हवा ही बना दे...!!!
कसम से...???
उसे सिर्फ छु कर लौट आऊँगा...!!